हँसी छीन ले मेरी खुशी छीन ले,
मिटा ना पायेगा उस हस्ती को,
चाहे तू उसके हुस्न की नमी छीन ले।
ये ज़मीन छीन ले ये फ़लक छीन ले,
ताज़ूब करोगे मेरे हर बात पर,
चाहे मेरे बातों का शब्द छीन ले।
महान वह समझ लिया जो,
मेरे कहने का रहन,
चाहे वो मेरे कहने का ढ़ंग छीन ले।।
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