Love you Mom...😙😚
जब जब तेरी याद आती है,
आँखों में नमी रख जाती है।
हे माँ अपने पास बुला ले,
याद तेरी आती है,
क्यूँ दूर है तु मुझसे,
ये दूरी मुझे रुलाती है।
हर सपना मेरा टूटा,
दुनिया की नज़रों में झूठा,
छीन ली खुशी मेरी,
अपने हक़ से हुआ मैं फ़ीका।
दुनिया कितनी तेज़ चले हैं,
देखो जैसे रेल चले है,
छूट गया मैं कोसों दूर,
अब मैं खुद से ही मज़बूर।
दर्द बड़ा है इनमे गहरा,
मरहम भी ना ज़ख़्म भर रहा,
हूँ मैं अकेला अरदास तू सुन ले,
माँ तू अपने पास बुला ले।
हुए कम मेरे चाहने वाले,
दर्द को मेरे बाँटने वाले,
वो रूठ गए वो छूट गए,
अब खुद से ही मैं टूट गया।
यहाँ ना कोई सगा मेरा
तूने भी तो सज़ा दिया है,
आना चाहूँ तेरे पास
जब से तूने भगा दिया है।
ना चाहूँ ज़ागीर मैं
बदल दे तू तस्वीर मेरी
पास तेरे बुला के, माँ
बदल दे तू तक़दीर मेरी।
दिल में तेरे पनाह दे,
जख़्म को मेरे दवा दे,
कहनी है तुझसे बात ये,
तू दिल के मेरे पास है।
हे माँ अपने पास बुला ले,
याद तेरी आती है।
स्वरचित: अंकित सोनी