फिर वो मौसम आएगा
जो इश्क़ बरसाएगा।
तू ना होगा उस दौर में
कोई और मुझे आजमाएगा।।
वक़्त गुजरता जाएगा
मैं उसका हो जाऊंगा।
आजमाइशों के खेल में
हर जिस्म भीग जायेगा।।
तब तुझे ख़्याल आयेगा
जब मैं बदल जाऊंगा।
जब रुह पढ़ने के वास्ते
हर रोज सट्टे लगाऊंगा।।
तेरे प्यार बदल जायेगा
मुझसे नफ़रत हो जायेगी।
फिर भी राह तेरी ताकूँगा
जब छोड़ मुझे तू जाएगी।।
यही सोच कर रो लूंगा
मेरी याद तुझे भी आएगी।
तेरे कोमल नैनों से
तू भी आंसू छलकाएगी।।
तुझे ढूंढने के लिए
तेरे शहर को जाऊंगा।
फिर तू मुझे दिख जाएगी
दिल को सुक़ून मिल जाएगा।।
कहूं मैं अनजाने में
या फिर रब की मर्जी से।
तू मुझसे टकराएगी
और आंखें भी मिल जाएंगी।।
पलभर तुमसे बातें कर
हर जख़्म मेरा भर जाएगा।
हाथ तेरा मैं थामूँगा
तू मेरा हमदर्द बन जाएगी।।
'Ankit soni
:To be continued