Thursday, 11 August 2016

मेरे ख्वाबों की रानी

है तू इतनी हसीन है
यहां तुमसा कोई नहीं है
जो भी मिलता तुमसे खुशनसीब है
है कोई और नहीं तू मानसी है।

दूर से देख कर खुशी सी झलक जाती है
पास उसके जाऊं तो सांसे ही अटक जाती है।

जब वो मुझे ख्याल करती है
बालों को अपने संवारती है।
झुकी हुई नजरों से तब वो
मुझे सलाम करती है।।

आंखों से आंखें मिलाकर
एक पैगाम सुनाती है।
मैं 'मानसी' तेरे मन की सागर 
दुजा हुआ ना तुझसा पागल।
आकर बैठ ज़रा मेरे पास
कहनी है तुमसे एक बात।
है जो दिल में तेरे बता दे
मुझको अब खुद से मिला ले।
मैंने भी है मांगा दुआ में
जब से तूने प्यार किया है।
दूर नजरों से देखता था
तब से मुझको भाने लगा है।।

''वह ख्वाबों की रानी है
ख्वाबों में ही आनी है
देख उसे लगता है
उससे दिल मिल जानी है''।
- :MS

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